मुक्तक भावानुवादित

Dr. umesh chandra srivastava

रचनाकार- Dr. umesh chandra srivastava

विधा- मुक्तक

. …. मुक्तक ….

गोधूलि सदृश लहराती
रञ्जित रजनी सो जाती
पपिहा करुणित प्रतिध्वनि भी
थक लौट क्षितिज से आती

स्व- भावानुवादित

Dust of cows , evening high .
Choroid night sleep and enjoy .
Mercy sound of night bird .
Fag revert from the line of sky .

डा. उमेश चन्द्र श्रीवास्तव
लखनऊ

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Dr. umesh chandra srivastava
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Doctor (Physician) ; Hindi & English POET , live in Lucknow U.P.India

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