*** मुक्तक : क्यूँ आतंकी प्यारे लगते ***

Sureshpal Jasala

रचनाकार- Sureshpal Jasala

विधा- मुक्तक

** मुक्तक : क्यूँ आतंकी प्यारे लगते **
क्यूँ आतंकी प्यारे लगते बद्जुबानी नेता को ,
मृत्यु का फरमान सुना दो अब गद्दारी नेता को,
जान गँवाते वीरों का ये नित अपमान करते हैं ,
ठोक पीट जमीं मे गाडो इन गद्दारी नेता को ।
******* सुरेशपाल वर्मा जसाला

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Sureshpal Jasala
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I am a teacher, poet n writer, published 8 books , started a new Hindi poem method called " Varn piramid or jasala piramid." I have membership n hold posts in many societies. Also Awarded by many societies.

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