मिलता नही कभी भी, जिंदगी में कुछ मुकम्मल..

Neeraj Chauhan

रचनाकार- Neeraj Chauhan

विधा- मुक्तक

मिलता नही कभी भी, जिंदगी में कुछ मुकम्मल,
कभी पाते भी हो, तो बहुत कुछ गवांकर
सहज नहीं हैं मेहनत का फल चुटकी में मिल जाना,
कभी हँसते भी हो, तो खुद को बहुत रुलाकर..

– नीरज चौहान

Views 28
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Neeraj Chauhan
Posts 48
Total Views 4.5k
कॉर्पोरेट और हिंदी की जगज़ाहिर लड़ाई में एक छुपा हुआ लेखक हूँ। माँ हिंदी के प्रति मेरी गहरी निष्ठा हैं। जिसे आजीवन मैं निभाना चाहता हूँ।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia