मिलता नही कभी भी, जिंदगी में कुछ मुकम्मल..

Neeraj Chauhan

रचनाकार- Neeraj Chauhan

विधा- मुक्तक

मिलता नही कभी भी, जिंदगी में कुछ मुकम्मल,
कभी पाते भी हो, तो बहुत कुछ गवांकर
सहज नहीं हैं मेहनत का फल चुटकी में मिल जाना,
कभी हँसते भी हो, तो खुद को बहुत रुलाकर..

– नीरज चौहान

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Neeraj Chauhan
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कॉर्पोरेट और हिंदी की जगज़ाहिर लड़ाई में एक छुपा हुआ लेखक हूँ। माँ हिंदी के प्रति मेरी गहरी निष्ठा हैं। जिसे आजीवन मैं निभाना चाहता हूँ।

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