मास्टर श्यामलाल | अभिषेक कुमार अम्बर

Abhishek Kumar Amber

रचनाकार- Abhishek Kumar Amber

विधा- कविता

हमारे मास्टर श्यामलाल,
करा रहे थे गणित के सवाल।
मास्टर जी ने दो सवाल कराये
और ऐंठ गए।
वापस आ कुर्सी पर बैठ गए।
उन्हीं के पास में बैठे थे
मास्टर सिंधी,
बच्चों को पढ़ाते थे हिंदी।
ब्लैक बोर्ड को देखते होल-होले,
फिर श्यामलाल से बोले।
आपने पाँच मिनट में
सब पढ़ा दिया
ये देख में चोंकता हूँ,
में तो पूरे पीरियड में
एक पाठ नहीं पढ़ा पाता
जबकि कुत्तों की
तरह भौंकता हूँ।

©अभिषेक कुमार अम्बर

Sponsored
Views 45
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Abhishek Kumar Amber
Posts 16
Total Views 473
नाम- अभिषेक कुमार तख़ल्लुस- अम्बर जन्म- 07 मार्च 2000 जन्मस्थान- मवाना मेरठ उत्तर प्रदेश। विद्या- हास्य व्यंग्य, ग़ज़ल, गीत , छंद आदि। अभिषेक अम्बर का जन्म 07 मार्च 2000 को मेरठ के मवाना कसबे में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली से प्राप्त की। तेरह वर्ष की आयु से निरंतर हिंदी एवम् उर्दू साहित्य के लिए समर्पित हैं। गीत, ग़ज़ल , छंद , कविता आदि विद्या में लिखते हैं। हिंदुस्तान की मशहूर शायरा अंजुम रहबर जी के शिष्य हैं। तथा साहित्यिक मंचों पर सक्रिय भूमिका में हैं।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia