मापदंड दुहरे हुए, ….राजनीति के आज

RAMESH SHARMA

रचनाकार- RAMESH SHARMA

विधा- दोहे

हक़ तो वह होगी नहीं , और न होगी भीख !
छोटों से पायी हुई ,…. कोई अच्छी सीख !!

क्या होगी इससे अधिक, नासमझी की बात !
करे छात्र जब देश का, .आजादी पर घात! !

मापदंड दुहरे हुए, ….राजनीति के आज !
देशभक्ति की बात बस, लगती एक रिवाज !!

ऐसे कैसे मान लें.उनकी अनुचित माँग !
रखना चाहें व्यर्थ जो,अपनी ऊँची टाँग !!
रमेश शर्मा.

Views 17
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
RAMESH SHARMA
Posts 167
Total Views 2.5k
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia