मानवता सिखला गए (दोहे)

RAMESH SHARMA

रचनाकार- RAMESH SHARMA

विधा- दोहे

मानवता सिखला गए, दे दी हंसकर जान !
ईसा को इस त्याग ने, बना दिया भगवान् !!

पनपा है जब जब कहीं, नफरत का बाज़ार !
ईसा ने तब तब लिया, .धरती पर अवतार !!

मानवता कायम रहे , हर दिल रहे करीब !
यही सोचकर चढ गये,.ईसा तुरत सलीब!!

मानवता जिंदा रहे,…कायम हो ईमान!
हर युग मे ईसा हुए,इसी तरह कुरबान!!
रमेश शर्मा

Views 54
Sponsored
Author
RAMESH SHARMA
Posts 114
Total Views 1.1k
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia