मांझी

डी. के. निवातिया

रचनाकार- डी. के. निवातिया

विधा- अन्य

लड़ाई गर मुद्दे पर हो तो लड़ने में मजा आता है
उलझकर उलझनों में जीने का आनद आता है
चिकनी सडको पर रफ़्तार आजमा लेते है सभी
तूफानी लहरो में कश्ती संभाले मांझी कहाता है !!
!
!
!
डी. के. निवातिया

Views 325
Sponsored
Author
डी. के. निवातिया
Posts 159
Total Views 14.9k
नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ , उत्तर प्रदेश (भारत) शिक्षा: एम. ए., बी.एड. रूचि :- लेखन एव पाठन कार्य समस्त कवियों, लेखको एवं पाठको के द्वारा प्राप्त टिप्पणी एव सुझावों का ह्रदय से आभारी तथा प्रतिक्रियाओ का आकांक्षी । आप मुझ से जुड़ने एवं मेरे विचारो के लिए ट्वीटर हैंडल @nivatiya_dk पर फॉलो कर सकते है. मेल आई डी. dknivatiya@gmail.com
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia