माँ

Shri Bhagwan Bawwa

रचनाकार- Shri Bhagwan Bawwa

विधा- अन्य

आंचल तुम्हारा दरख्तों की छाया है माँ,
हर धूप से टकराना तुमने सिखाया है माँ,
तुम बेशक कहीं दूर सितारों में रहने लगी,
मेरे सर पर हमेशा तुम्हारा ही साया है माँ !

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Shri Bhagwan Bawwa
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