माँ मेरी भाग्य विधाता है

Bhupendra Rawat

रचनाकार- Bhupendra Rawat

विधा- कविता

मैं तेरे चरणों की धूल
माँ मेरी भाग्य विधाता है
इस जहाँ में मेरा माँ से
जन्मों का नाता है
माँ ने मुझको जन्म दिया
बना मैं माँ का साया हूँ
नाज़ाने माँ ने कितने कष्ट सहे
तब मैं इस जग में आ पाया हूँ
कितनी बार नाज़ाने माँ ने
मेरी ख़ातिर कुर्बानी दी
कोई मुसीबत मुझ पर
कभी ना आने दी
मेरी ख़ुशी की ख़ातिर
माँ ने ख़ुद संतोष किया
अपनी ख्वाईश का घोट गला
मुझको कभी ना निराश किया
माँ ने मुझ पर उपकार किया
जन्म देकर माँ ने मेरा उद्धार किया
हर कदम पर दुआ माँ की साथ होती है
हर मुसीबत माँ के नाम से ही भयभीत होती है

भूपेंद्र रावत
13।08।2017

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Bhupendra Rawat
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M.a, B.ed शौकीन- लिखना, पढ़ना हर्फ़ों से खेलने की आदत हो गयी है पन्नो को जज़बातों की स्याही से रँगने की अब बगावत हो गईं है ।

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