माँ-बाप

तेजवीर सिंह

रचनाकार- तेजवीर सिंह "तेज"

विधा- मुक्तक

🌼 मुक्तक 🌼
🌹🌻🌼🌺🌻🌼🌺🌻🌼🌹

*तमन्ना* के भंवर में हर कोई गोते लगाता है।

कोई आँसू बहाता है तो कोई मुस्कुराता है।

पहाड़ों-सा मिले सम्बल किनारा *तेज* धारा में।

जो सर पे हाथ हो माँ-बाप का बिगड़ी बनाता है।

🌺🌻🌷🌼🌹🌻🌼🌹🌻🌺

तमन्ना की तमन्ना है तमन्ना पूर्ण हों प्रभु जी।

मेरे सब कष्ट हरने को तुरत अवतीर्ण हों प्रभु जी।

विराजो मन के मन्दिर में मधुर मनमीत मनमोहन।

परिष्कृत चित्त होवे *तेज* से सम्पूर्ण हों प्रभु जी।

🌹🌼🌻🌺🌼🌻🌼🌻🌺🌹

*तमन्ना* है यही मेरी करूँ माँ-बाप की सेवा।

सयाने लोग कहते हैं यही सबसे बड़ी मेवा।

यही मंदिर यही मस्जिद यही गिरजा औ गुरुद्वारा।

चरण आशीष मिलता *तेज* को खुश हो रहे देवा।

🌹🌻🌼🌹🌻🌼🌹🌻🌼🌹
तेज 17/4/17✍

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 1
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
तेजवीर सिंह
Posts 51
Total Views 335
नाम - तेजवीर सिंह उपनाम - 'तेज' पिता - श्री सुखपाल सिंह माता - श्रीमती शारदा देवी शिक्षा - एम.ए.(द्वय) बी.एड. रूचि - पठन-पाठन एवम् लेखन निवास - 'जाट हाउस' कुसुम सरोवर पो. राधाकुण्ड जिला-मथुरा(उ.प्र.) सम्प्राप्ति - ब्रजभाषा साहित्य लेखन,पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन तथा जीविकोपार्जन हेतु अध्यापन कार्य।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia