माँ तो माँ है……

सतीश तिवारी 'सरस'

रचनाकार- सतीश तिवारी 'सरस'

विधा- दोहे

*मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ प्रस्तुत हैं कुछ दोहे….*👇🏾

माँ तो माँ होती सरस,खटती दिन अरु रात।
सुखी हो सुत इस वास्ते,कष्ट स्वयं सह जात।।
०००
बेटे को भी चाहिये,माता को सुख देय।
पल-पल पूछे हाल कुछ,कष्ट स्वतः हर लेय।।
०००
दासी सम लेखो नहीं,माँ को मेरे मीत।
काम करो ख़ुद भी तनिक,जियेगी माँ की प्रीत।।
०००
पूछ महत्ता मातु की,उससे तू साभार।
पास में जिसके माँ नहीं,है जीवन बेजार।।
०००
माँ के चरणों में करूँ,नमन् मैं बारम्बार।
ईश कहाँ जानूँ नहीं,माँ मेरी करतार।।
*सतीश तिवारी 'सरस',नरसिंहपुर (म.प्र.)

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