*** महारथी से बडा सारथी ***

भूरचन्द जयपाल

रचनाकार- भूरचन्द जयपाल

विधा- कविता

हे अर्जुन क्यों करता है अभिमान

महा-रथी से बडा सा-रथी होता है

क्या महाभारत तुमने जीता

कब रश्मिरथी को परास्त किया

हे अर्जुन क्यों करता है अभिमान

क्या जयद्रथ-वध तुमने किया

नहीं, वह कृष्ण की माया थी

वरना जलना होता तुम्हे अग्निसंग

होती कृष्ण-बिन जब प्रतिज्ञा भंग

हे अर्जुन क्यों करता है अभिमान

रश्मिरथी ने तुझको जीवनदान दिया

तुमने निहत्थे पर शर-सन्धान किया

हे अर्जुन क्यों करता है अभिमान

है भूला तो पूछ उस बबरीक से

जिसको उसने खाटूश्याम किया

हे अर्जुन क्यों करता है अभिमान

एक सात्यकि- कृष्ण दोनों ने

वही सारथि बन काम किया

हे महारथी बिन सारथि तुम क्या

क्या महाभारत में अवदान रहा

बिन कृष्ण क्षीण-श्रीहीन हुए तुम

जब बिन तरकस-कमान हुए तुम

हे अर्जुन क्यों करता है अभिमान

महारथी से बडा सारथी होता है

हे महारथी बिन सारथि तुम क्या

क्या महाभारत में अवदान रहा

हे अर्जुन क्यों करता है अभिमान

महारथी से बडा सारथी होता है ।।

👍मधुप बैरागी

Sponsored
Views 64
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
भूरचन्द जयपाल
Posts 383
Total Views 9.6k
मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia