ममता बेटी बिना न पूरी

Rita Singh

रचनाकार- Rita Singh

विधा- कविता

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ममता बेटी बिना न पूरी ।
मॉ की रहती आस अधूरी।।१!!

बेटी ही घर का गहना है।
बिन बेटी ऑगन सूना है।।२!!

उत्सव बेटी बिना अधूरे !
बिन बेटी संस्कार न पूरे !!३!!

बेटी है मॉ की परछायी ।
बेटी कैसी हुयी परायी ।।४!!

बेटी तो अभिमान पिता का ।
बेटी ही सम्मान पिता का ।।५!!

बेटी तो घर को महकाए।
बिन बेटी सूना हो जाए ।।६!!

बेटी मात- पिता की पूरक।
बेटी घर की बडी जरूरत।।७!!

डॉ रीता
एफ – 11 , फेज़ – 6
आया नगर , नई दिल्ली – 47

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Rita Singh
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नाम - डॉ रीता जन्मतिथि - 20 जुलाई शिक्षा- पी एच डी (राजनीति विज्ञान) आवासीय पता - एफ -11 , फेज़ - 6 , आया नगर , नई दिल्ली- 110047 आत्मकथ्य - इस भौतिकवादी युग में मानवीय मूल्यों को सनातन बनाए रखने की कल्पना ही कलम द्वारा कुछ शब्दों की रचना को प्रेरित करती है , वही शब्द रचना मेरी कविता है । .

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