मन को शन्ति

Bijender Gemini

रचनाकार- Bijender Gemini

विधा- लघु कथा

मैं मन्दिर जा रहा हूँ। सामने से मेरा मित्र आहुजा मिल जाता है वह बोला- मन्दिर से आप को क्या मिला ?
         मैं सोच में पड़ गया और कुछ सोचने के बाद बोला- मुझे बहुत कुछ मिला है।
          – क्या मिला है साफ – साफ बताओ !
           – मुझे भगवान तो नहीं मिले है परन्तु मन को शन्ति अवश्य मिलती है जो मेरे मन के तनाव को दूर करती है।
– बीजेन्द्र जैमिनी

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 16
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
Bijender Gemini
Posts 28
Total Views 507
कवि, लेखक, पत्रकार, समीक्षक पताः हिन्दी भवन, 554-सी, सैक्टर-6, पानीपत-132103, हरियाणा, भारत मो.919355003609

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia