मनाओ मिलकर होली

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

रचनाकार- लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

विधा- कुण्डलिया

टेसू, सेमल खिल उठे, बजे बसन्ती राग
मस्ती, रंग, गुलाल से, देखो सजता फाग
देखो सजता फाग, मस्त मस्तों की टोली
भूलो सारे बैर, मनाओ मिलकर होली
अदिति हुए रंगीन, नखों से लेकर गेसू
लाल लाल हैं गाल, खिले हों जैसे टेसू

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
भोपाल

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लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
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मध्यप्रदेश में सहायक संचालक के पद पर कार्यरत...आई आई टी रुड़की से पी एच डी की उपाधि प्राप्त...अपने आसपास जो देखती हूँ, जो महसूस करती हूँ उसे कलम के द्वारा अभिव्यक्त करने की कोशिश करती हूँ...पूर्व में 'अदिति कैलाश' उपनाम से भी विचारों की अभिव्यक्ति....

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