मत पूछ यहाँ आलम क्या है

Vijay Yadav

रचनाकार- Vijay Yadav

विधा- गज़ल/गीतिका

मत पूछ यहाँ आलम क्या है,

तेरे जाने का गम क्या है।

चेहरे पे कई रुत आ के गई,

आँखों में मौसम नम सा है।

यादों से तेरी भर लेता हूँ,

दिल में जो ये खालीपन सा है।

सब कुछ हो कर भी जाने क्यों,

लगता है पर कुछ कम सा है।

नींदों में कोई छू जाता है,

तुम हो या कोई वहम सा है।

है दूर बहुत, पर दिखता है,

ये चाँद भी मेरे सनम सा है।

तुम लाख कहो, है इश्क़ बुरा,

मुझपे ये खुदा का करम सा है।

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 1
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
Vijay Yadav
Posts 8
Total Views 32
I am an Engineer. I like read and write poems, songs, gazals.

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia