** मतलबी लोग **

Neelam Ji

रचनाकार- Neelam Ji

विधा- मुक्तक

हमें नफरत है उन लोगों से ,
जो झूठा दिखावा करते हैं ।
जुबाँ पर रहस्यमयी मिठास ,
और दिल में जहर रखते हैं ।।

बेहतर हैं वो इंसान ,
जो जुबाँ के कड़वे मिले ।
मीठी जुबान ना सही ,
कम से कम दिल तो साफ मिले ।।

किस्मत वाले होते हैं वो लोग ,
जिनको प्यार के बदले प्यार मिलता है ।
वरना आजकल तो ऐसा है कि ,
विश्वाश के बदले विश्वाशघात मिलता है ।।

कभी जुबान के पक्के होते थे लोग ,
अब तो पल में मुकर जाते हैं लोग ।
विश्वाश करें भी तो किस पर करें ,
मतलब परस्ती में ढल गए हैं लोग ।।

आजकल की कहानी तो ऐसी है कि ,
दोस्तों के भेष में भी दुश्मन मिलते हैं ।
दिल तार तार हो जाता है कसम से ,
जब अपनों के भेष में भी गैर मिलते हैं ।।

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Neelam Ji
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मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।

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