मतदान

रकमिश सुल्तानपुरी

रचनाकार- रकमिश सुल्तानपुरी

विधा- दोहे

।मतदान।

नेता निर्छल कर्मठी,, योगी सरस् सुजान ।
देश गांव छवि देखकर,करें सभी मतदान ।।

लालच धन डर धौस का दान नही है दान ।
प्रलोभन से हो तटस्थ, करें सभी मतदान ।।

छोड़ पुरानी दुश्मनी ,,मान और अपमान ।
जाति धर्म से हो परे ,,करें सभी मतदान ।।

©राम केश मिश्र

Sponsored
Views 7
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
रकमिश सुल्तानपुरी
Posts 97
Total Views 1.7k
रकमिश सुल्तानपुरी मैं भदैयां ,सुल्तानपुर ,उत्तर प्रदेश से हूँ । मैं ग़ज़ल लेखन के साथ साथ कविता , गीत ,नवगीत देशभक्ति गीत, फिल्मी गीत ,भोजपुरी गीत , दोहे हाइकू, पिरामिड ,कुण्डलिया,आदि पद्य की लगभग समस्त विधाएँ लिखता रहा हूं । FB-- https ://m.facebook.com/mishraramkesh मेरा ब्लॉग-gajalsahil@blogspot.com Email-ramkeshmishra@gmail.com Mob--9125562266 धन्यवाद ।।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia