मजहब हिन्दुस्तान

Dr ShivAditya Sharma

रचनाकार- Dr ShivAditya Sharma

विधा- कविता

ना मैं सिख ना मैं ईसाई, ना ही हिंदू मुसलमान हूं मैं।
ना मैं बाइबल ना मैं ग्रंथ, ना ही गीता कुरान हूँ मैं।
शर्म करो मजहब पर लडने वालों, इंसानियत ही है धर्म मेरा।
ना झोंको मुझे इस आग में, तुम सबका हिंदुस्तान हूँ मैं।

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Dr ShivAditya Sharma
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Consultant Endodontist. Doctor by profession, Writer by choice. बाकी तो खुद भी अपने बारे में ज्यादा नहीं जानता, रोज़ जिन्दगी जैसी चोट करती है वैसा ही ढल जाता हूँ।

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