“मजदूर”

RAJESH BANCHHOR

रचनाकार- RAJESH BANCHHOR

विधा- कविता

अपनी सांसों में उर्जा भरकर
निर्माण जो करता नवयुग का
औरों को सुख-सुविधा देकर
करे सामना हर दुख का
जो रूके अगर, रूक जाए दुनिया
सारे जग का रीढ़ वही
जोश, लगन, संकल्प है जिनमें
फुरसत में आराम नहीं
हिम्मत जिनकी शान है यारों
मेहनत जिनकी है पूजा
कर्तव्य निभाना लक्ष्य है जिनका
मजदूर है वो, कोई और न दूजा
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RAJESH BANCHHOR
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"कुछ नया और बेहतर लिखने की चाह......" राजेश बन्छोर "राज" जन्मतिथि - 05 जून 1972 शिक्षा - सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा सम्पर्क - वार्ड-2, पुरानी बस्ती हथखोज (भिलाई),पोस्ट - सुरडूंग, जिला - दुर्ग, छत्तीसगढ़ 490024 मो. नं. - 7389577615 प्रकाशन संदर्भ - पत्र-पत्रिकाओं में समय-समय पर कविता, कहानी प्रकाशित

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