भोर की किरण……

CM Sharma

रचनाकार- CM Sharma

विधा- मुक्तक

बीत गया जो उसे बीत जाने दे….
दिल दुखाये जो बात उसे भूल जाने दे….
नफरत हटा प्यार को बिखरने दे ज़रा…
फिर दिल से दिल का दीप जल जाने दे….

न ख़ुशी न गम रहता जहां में है सदा…
प्यार ही बस महकता है हर दिल में सदा…
वक़्त कैसा भी हो रुकता नहीं टिक कर….
रात का अंत भी तय है भोर की किरण दे है सदा…

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CM Sharma
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उठे जो भाव अंतस में समझने की कोशिश करता हूँ... लिखता हूँ कही मन की पर औरों की भी सुनता हूँ.....
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