भूली बिसरी यादें

योगेश गुप्ता

रचनाकार- योगेश गुप्ता

विधा- कविता

भूली बिसरी यादें

सफर जिंदगी का,कुछ ऐसा ही है
कुछ मिले होंगे,कुछ छूटे भी होंगे

मजा तो यारों की,महफिल में है
कुछ सच्चे होंगे, कुछ झूठे भी होंगे

कुछ मान गए ,कुछ को मना लिया
कुछ तो मुझसे, अब रूठे भी होंगे

रिश्ते की डोर,बड़े जतन से पिरोया
नाजुक लड़ी है, कुछ टूटे भी होंगे

हर दम, हर पल,जो दिल में मेरे है
अनमोल तो है ही,वो अनूठे भी होंगे

योगेश गुप्ता,बैकुंठपुर
छत्तीसगढ़

Views 91
Sponsored
Author
योगेश गुप्ता
Posts 2
Total Views 4.4k
छतीसगढ़ के कोरिया जिले से हूँ, संवेदंशील विषयों पर मंचीय कविताएं लिखता हूं, श्रृंगार को छोड़ बाकी सभी विधाओं पर कलम चलाता हूँ ।
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia