भूलने को भूल जाता हूँ…

seervi prakash panwar

रचनाकार- seervi prakash panwar

विधा- शेर

एक जीत है तुझमे की पास खीच ले जाती हैं!
कोई बात हैं तुझमे की भूलने को भुला देती हैं!
आख़िर कहा-कहा रोकूँ में खुद को कि!
ज़िन्दगी नयी शरुआत फिर उससे से करा देती हैं!!
–सीरवी प्रकाश पंवार

Sponsored
Views 15
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
seervi prakash panwar
Posts 29
Total Views 349
नाम - सीरवी प्रकाश पंवार पिता - श्री बाबूलाल सीरवी माता - श्री मती सुन्दरी देवी जन्म - 5 जुलाई 1997 पता - अटबड़ा, तह-सोजत सिटी, जिला- पाली राजस्थान शिक्षा - इंजीनियरिंग(वर्तमान) रुचि- लेखक(writer) संपर्क - 9982661925 Facebook-www.fb.com/seerviprakashpanwar Blog-www.seerviprakashpanwar.blogspot. com www.ekajeebpal.blogspot.com www.seervibhasha.blogspot.com

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia