भूख

सगीता शर्मा

रचनाकार- सगीता शर्मा

विधा- कविता

💐💐💐💐💐💐.
भूख.
💐💐💐💐💐💐💐
इंसा भूख के आगे हारा.
कित जाये फिर वो बेचारा.
इक टुकडा रोटी को तरसा.
चोर बना जग उसपे बरसा
घर में माँ भी भूखी बैठी.
किसमत क्यू उससे है रूठी
कैसे कमाये समझ न आये
किसके आगे हाथ फैलाये.
पेट की आग बुझेगी कैसे.
खाली पेट कटेगी कैसे.
💐💐💐💐💐💐💐💐
संगीता शर्मा.💐💐💐💐💐26/2/2017

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सगीता शर्मा
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परिचय . संगीता शर्मा. आगरा . रूचि. लेखन. लघु कथा ,कहानी,कविता,गीत,गजल,मुक्तक,छंद,.आदि. सम्मान . मुक्तर मणि,सतकवीर सम्मान , मानस मणि आदि. प्यार की तलाश कहानी पुरस्क्रति.धूप सी जिन्दगी कविता सम्मानित.. चाबी लधु कथा हिन्दी व पंजाबी में प्रकाशित . संगीता शर्मा.
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