भुजंगी छंद (मुक्तक )

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- मुक्तक

यही अर्चना है यही भावना
करो पूर्ण माते सभी कामना
बुरे वक़्त में छोड़ना माँ नहीं
बढ़ा हाथ आगे तुम्हीं थामना

पुरानी चले ज़िन्दगी चाल है
बिछाती यहाँ मोह का जाल है
हँसाती रुलाती लुभाती हुई
हमें ले चले वो जहाँ काल है

जुदाई तुम्हारी सताती हमें
नहीं नींद आके सुलाती हमें
वफ़ा भी सजा आज तो हो गयी
मिले दर्द भी तो हँसाती हमें

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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