भारत माता

prerna jani

रचनाकार- prerna jani

विधा- कविता

भारत माता की धरा
है पावन धाम,
जाति धर्म का नहीं बन्धन,
अतिथि देवो भव का वन्दन,
भारत माता की धरा
है पावन धाम |

राम रहीम जन्मे यहाँ,
अलग अलग है विजयगान,
भिन्न -भिन्न संस्कृतियाँ करती सदा गुणगान,
भारत माता की धरा,
है पावन धाम |

सब तीर्थों में एक तीर्थ तेरा,
सबको बनाता मित्र ,
बैठ तेरे आँगन,
करते लाल जनकल्याण ,
भारत माता की धरा
है पावन धाम |

प्रेरणा जानी

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prerna jani
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