भगवे की है उठी सुनामी

सुनील पुष्करणा

रचनाकार- सुनील पुष्करणा "कान्त"

विधा- कविता

"भगवे की है उठी सुनामी , संग मे यूपी डोली है ,"
"सीएम अपना माँग रही ये , योगी योगी बोली है…….."
"गोरखपुर बड़भागी है जो , योगी योगी गाता है ,"
"जिला जौनपुर , बलिया , बस्ती , योगी से हर्षाता है………"
"सुनो ध्यान से बोल रहा ये , मथुरा , मऊ , महोबा है ,"
"बस्ती , गोंडा , बहराइच भी , योगी रंग में डूबा है…….."
"बाराबंकी , बाँदा देखो , सारा मेरठ मान लिया ,"
"योगी अबकी सीएम होंगे , काशी ने प्रण ठान लिया………"
"अमरोहा , बिजनौर खड़े , और संग में रायबरेली है ,"
"सीएम अपना माँग रही , ये योगी योगी बोली है………"
"कौशाम्बी , कन्नौज , इटावा माँगे अबकी योगी ,"
"कहे मुजफ्फरनगर न अबकी , चुनेंगे कोई ढोंगी………"
"मंदिर फैजाबाद माँगता , जन-जन की हुंकार ,"
"चित्रकूट , श्रावस्ती माँगे , योगी की सरकार…….."
"सुनो अलीगढ़ , आजमगढ़ के , हिंदू भी तो जाग रहे ,"
"मिर्जापुर , उन्नाव , बागपत , भगवा रंग अब माँग रहे………"
"विधान भवन लखनऊ पे चढ़कर , हवा बसंती डोली है ,"
"सीएम अपना माँग रही , ये योगी योगी बोली है………."
"सोनभद्र , सीतापुर , सम्भल , हरदोई , जालौन ,"
"सिद्धार्थनगर , रविदासनगर , जिला न कोई मौन………"
"सुनो अमेठी , एटा , झाँसी , गाजीपुर की बात है ,"
"मैनपुरी , हापुड , औरेया , योगी जी के साथ है…….."
"पीलीभीत , फतेहपुर कहते , और देवरिया यार ,"
"अबकी बार शामली माँगे , योगी की सरकार………"
"खड़े फिरोजाबाद , आगरा , साथ-साथ चँदौली है ,"
"सीएम अपना माँग रही , ये योगी योगी बोली है………"
"इतने पर भी नही सुना तो , सुनो ललितपुर बोलेगा ,"
"भगवा लेकर कानपुर भी , योगी संग में डोलेगा………"
"इधर इलाहाबाद , गाजियाबाद , उधर ललकारेगा ,"
"बुलंदशहर , महराजगंज बस , योगी पार उतारेगा……..
."
"कासगंज और रामपुर , कबीरनगर ने ठान लिया ,"
"खीरी , गौतमबुद्धनगर ने , योगी सीएम माँग लिया………"
"योगी रंग मे रंगा बदायूं , संग मे रंगी बरेली है ,"
"सीएम अपना माँग रही , ये योगी योगी बोली है………"
"यूपी योगी माँग रही है , हिंदू का है काम यही ,"
"सीएम होंगे योगी तो , तम्बू में होंगे राम नहीं………"
"भगवे का बल पौरुष और , दल हिंदू का हुंकार भरेगा ,"
"मंदिर होगा हठ ना होगा , मठ का योगी राज़ करेगा………"
"गौ रक्षा हो मंदिर हो , भय नहीं कही हो वो जागे है ,"
"भगवा रंग में यूपी रंगने को , हर हिंदू जागे है………"
"डूबे जैसे काशी नगरी , नमो नमो जय बोली थी ,"
"सुनो अवध की जन्मभूमि , ये योगी योगी बोली है…….."

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