बड़े शायर -व्यंग

रवि रंजन गोस्वामी

रचनाकार- रवि रंजन गोस्वामी

विधा- कविता

वे बड़े शायर हैं ।
ऐसा समझते हैं ।
सब उन्हें दाद दें ।
ये उन्हीं का हक है ।

वे सुनते नहीं ,
सिर्फ कहते हैं ।
कहते भी हैं तो
अहसान करते हैं ।
औरों को सुनने की
सराहने की फुर्सत कहाँ ।

शायरी के डॉक्टर हैं ।
कई और जगहों पर भी
चीर फाड़ के आना है ।

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