” ब्लू व्हेल “

Raju Gajbhiye

रचनाकार- Raju Gajbhiye

विधा- लघु कथा

"ब्लू व्हेल "
घर में इंटरनेट कनेक्शन, माता- पिता के पास जिओ सीम में अनलिमिटेड डाटा प्लान ।
चेतना को हर समय इंटरनेट उपलब्ध ।
चेतना को लगा अनलिमिटेड डाटा है तो क्यों न इंटरनेट गेम खेला जाय । अनलिमिटेड डाटा है ना ….. !
चेतना के माता-पिता को जानकारी ही नहीं थी की , पढ़ाई , मनोरंजन, प्रोजेक्ट रिपोर्ट देखने, लिखने व होमवर्क न कर चेतना अच्छे लोगों के साथ-साथ इंटरनेट पर बुरे लोगों, अपराधियों, मानसिक रूप से विक्षिप्त, बच्चों को बहला-फुसलाने वाले, हैकर, वायरस फैलाने वाले धोखेबाज के चुगंल में पुण॔ रूप से घिर गई थी ।
चेतना एक रूस में लोकप्रिय सोशल मिडिया वेबसाइट से संचालित "ब्लू व्हेल" नामक गेम खेलने में दिन-रात , मर मिटने के समान गेम खेलने लगी । यह गेम अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति संचालित कर रहें थे । गेम के नियम व वादें के बहकावे में आकर आखिर चेतना जान भी गंवा देने को तैयार थी ।
चेतना के पिता तुरंत इस हरकत से जागृत हो गये । धीरे-धीरे गेम खेलने के रूचि को स्कूल के होमवर्क करने करने, उसकी सेहत का ध्यान, अपने साथ भोजन, बहार घुमाने, सभी विषयों पर खुलकर चर्चा करना । चेतना से दोस्ताना व्यवहार बनाया । मोबाइल, इंटरनेट से चेतना को दूर रखना शुरू किया । चेतना को अपने माता-पिता का दोस्ताना व्यवहार अच्छा लगने लगा । चेतना घर के काय॔ के साथ-साथ अपना नियमित होमवर्क समय पर करने लगी ।
बहुत अच्छा इंटरनेट लेकिन, सोशल नेटवर्किंग साइटों से दूरी बनाना ही बेहतर है, जरा-सी लापरवाही से गंदे वीडियो और साॅफ्टवेयर भी डाउनलोड हो सकते हैं और बहुत गम्भीर भी परिणाम रहते हैं ।
– @ काॅपीराईट
राजू गजभिये

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Raju Gajbhiye
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परिचय - मैं राजू गजभिये , मूलतः यवतमाल ( महाराष्ट्र) मातृभाषा मराठी , वर्तमान में बदनावर जिला धार (मध्य प्रदेश ) कश्यप स्वीटनर्स लिमिटेड में कार्यरत | किताबे पढना एव लेखन | अपितु लिखने का शौक है | व्यग , लेख , कहानी , कविताये , लघुकथा और सामाजिक मुद्दों पर भी लेखन | विज्ञानं साहित्य आदि पर निरंतरता लिखने की कोशिश जारी है | समय-समय पर प्रतिष्टित समाचार - पत्रो , पत्रिकाओ में प्रकाशित होती रहती

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