बोलती आँखें

प्रदीप कुमार दाश

रचनाकार- प्रदीप कुमार दाश "दीपक"

विधा- हाइकु

बोलती आँखें
01.
आँखों में पानी
कह गई कहानी
दिल की मानी ।
02.
आँखें पनीली
सहेज रखी मोती
स्मृतियाँ ताजी ।
03.
चाँद सौगात
चेहरा चमकाती
कजरी रात ।
04.
नभ के भाल
लगा रवि तिलक
रूप दमका ।
05.
आँखें बोलतीं
सन्नाटे की आवाज
राज खोलतीं ।
☆☆☆
□ प्रदीप कुमार दाश "दीपक"
मो.नं. 7828104111

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प्रदीप कुमार दाश
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हाइकुकार : ♢ प्रदीप कुमार दाश "दीपक" ♢ सम्प्रति : हिन्दी व्याख्याता 13 कृतियाँ : -- मइनसे के पीरा, हाइकु चतुष्क, संवेदनाओं के पदचिह्न, रुढ़ियों का आकाश, हाइकु वाटिका, हाइकु सप्तक, हाइकु मञ्जूषा, झाँकता चाँद, प्रकृति की गोद में, ताँका की महक, कस्तूरी की तलाश, छत्तीसगढ़ की हाइकु साधना, वंदेमातरम् ।

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