बेशकीमती केवल सोना नही है ।

Vindhya Prakash Mishra

रचनाकार- Vindhya Prakash Mishra

विधा- कविता

खुद को भीड मे खोना नही है
हमको दुख अब ढोना नही है
मिलता है मेहनत से सबकुछ
न मिले इच्छित तो रोना नही है।
कीमत होती है मिट्टी की भी
बेशकीमती केवल सोऩा ही नही है।

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Vindhya Prakash Mishra
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