बेटियां ?

dr. pratibha prakash

रचनाकार- dr. pratibha prakash

विधा- कविता

जीवन को जीवन बनाती बेटियां
बेटो का जीवन सजाती है बेटियां
इस सृष्टि को सतत बनाती बेटियां
फिर क्यों कोख में मारी जाती बेटियां

घर को वास्तव घर बनाती बेटियां
आँगन में ख़ुशी को लाती है बेटियां
पापा को दूर से ही बुलाती बेटियां
दहेज की वेदी पर क्यों चढ़ती बेटियां

सरस्वती दुर्गा लक्ष्मी है बेटियां
बिद्या के मंदिर की पूजा बेटियां
ज्ञान प्रेम की पावन लौ बेटियां
क्यों कुसंस्कारों का कोप बनती बेटियां

हॉट कूल क्या मस्त है सुनती बेटियां
सस्ते विज्ञापन में बिकती है बेटियां
मानव संस्कृति की पहचान बेटियां
क्यों सरेआम बाजार में लुटती बेटियां

भक्ति और शक्ति का आधार बेटियां
सौहाद्र औ समृद्धि का सार बेटियां
भूल गई है जो अस्तित्व पहचान स्वयं की
आज समाज में क्यों प्रताड़ित होती है बेटियां

अब तो रेल और जहाज चलाती बेटियां
वायुयान ले आकाश में उड़ती भी बेटियां
रात को होती असुरक्षित अपनों में ही क्यों
क्यों परिधान की मार सहती है बेटियां

सुना है साक्षरता बहुत् बड़ गई
फिर भी नई पदमनिया हो गई
बड़ी हैरत राणा शिवाजी तो खो गए
प्रश्न लक्ष्मीबाई बनी क्यों बेटियाँ

Views 370
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
dr. pratibha prakash
Posts 44
Total Views 2k
Dr.pratibha d/ sri vedprakash D.o.b.8june 1977,aliganj,etah,u.p. M.A.geo.Socio. Ph.d. geography.पिता से काव्य रूचि विरासत में प्राप्त हुई ,बाद में हिन्दी प्रेम संस्कृति से लगाव समाजिक विकृतियों आधुनिक अंधानुकरण ने साहित्य की और प्रेरित किया ।उस सर्वोच्च शक्ति जसे ईश्वर अल्लाह वाहेगुरु गॉड कहा गया है की कृपा से आध्यात्मिक शिक्षा के प्रशिक्षण केंद्र में प्राप्त ज्ञान सत्य और स्वयं को आपके समक्ष प्रस्तुत कर रही हूँ।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia