बेटियां

रीना देवी पटेल

रचनाकार- रीना देवी पटेल

विधा- कविता

सृष्टि में मानव जीवन का आधार बेटियां हैं।
मां बेटी बहन रूप में रब का उपहार बेटियां हैं।
मां बाप अतिथियों का करती सत्कार बेटियां हैं।
हाथ बटाती कामों में मददगार बेटियां हैं।
ममता लाड दुलार लुटाती प्यार बेटियां हैं।
कथा आरती पूजा व्रत करती साकार बेटियां हैं।
संस्कृति रीति रिवाज रखतीं बरकरार बेटियां हैं।
त्याग क्षमा दया धैर्य का आगार बेटियां हैं।
ईद दीवाली होली करती गुलजार बेटियां हैं।
गुड़िया राखी द्विज मनाती त्योहार बेटियां हैं।
सच कहूं तो इस धरती में संसार बेटियां हैं।
फिर भी सबको लगतीं गुनहगार बेटियां हैं।
क्यों नहीं समझते बेटों की तरह हकदार बेटियां हैं।

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रीना देवी पटेल
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