बेटियाँ

Akhilesh Chandra

रचनाकार- Akhilesh Chandra

विधा- कविता

माँ बाप का बड़ा अरमान होती हैं बेटियाँ

हमारे घरों की अनोखी शान होती हैं बेटियाँ

हमारे गोद में डालता जब परमात्मा है इन्हें

हर घर को खुशहाल बनातीं है ये बेटियाँ

बहुत प्यारी और मासूम होती हैं ये बेटियाँ

हर दिल को रिझा माफिक बनाती है बेटियाँ

कुछ मूर्ख नासमझ ..इन्हें गर्भ में ही मारते

पैदा ही नहीं होने देते वे ये प्यारी बेटियाँ

क्या उन्हें यह भी नहीं होती मालूम

कि जन्म देकर उन्हें भी पालतीं ये बेटियाँ

है ख़ुदाई और कायनात का भी बजूद भी
इसलिये

क्योकि बराबर की संख्या में जन्म लेती हैं
बेटियाँ

उच्च शिक्षा और उच्च संस्कार यदि उन्हें
भी मिले

डॉक्टर इंजीनयर प्रोफेसर वकील बन हर
जगह नाम रोशन करती है बेटियाँ

पड़े जो वक्त कभी दुर्गा..कभी लक्ष्मी और
सरस्वती भी बन जाती हैं ये बेटियाँ

भारत का परचम सब जगह लहरातीं यह
गौरवशाली बेटियाँ

(सभी बेटियों को समर्पित ये कविता)

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Akhilesh Chandra
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मै अखिलेश चन्द्र ,आयु ७२ साल (मूल निवासी शहर बाराबंकी उत्तर प्रदेश हूँ )वर्त्तमान में कल्याण जिला थाना महाराष्ट्र का निवासी हूँ , मुझे साहित्य विशेषतया कविता में अभिरुचि है, ,अभियांत्रिकी में स्नातक हूँ और मैं केन्द्रीय सरकार में ४१ साल सेवा के नवम्बर २००४ में सेवानिवृत हुवा

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