बेटियाँ

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- कविता

🌹💕🌹
घर आँगन की शोभा….
हैं ये हमारी बेटियाँ
इनकी हँसी से खिल उठता है,
हमारे घर का कोना – कोना।
🌹लक्ष्मी सिंह

🌹🌹🌹🌹
बेटियाँ होती है फूल सी….
मन नाजुक कोमल पंखुरी सी…..
—लक्ष्मी सिंह🌹

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लक्ष्मी सिंह
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MA B Ed (sanskrit) please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.

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