बेटियाँ

ashok babu mahour

रचनाकार- ashok babu mahour

विधा- कविता

बेटियाँ घर की
रौनक
रोशनी समाज की
लाडली माँ की
आँगन की किलकारी
फुलवारी I
बेटियाँ होती प्यारी
निभाती फर्ज
महानता का
करती संघर्ष
जीवन भर
रचती इतिहास नित नया
करती रोशन
नाम माँ बाप का I
बेटियाँ सन्देश
समाज की
इनके बिना
न महकते फूल
आँगन के
न होता उदय रवि
मयंक भी
इन्हीं से बँधी है
डोर
विश्व,धरा पटल की I

अशोक बाबू माहौर

Views 36
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
ashok babu mahour
Posts 1
Total Views 36
अशोक बाबू माहौर प्रकाशित साहित्य-विभिन्न पत्रिकाओं जैसे -स्वर्गविभा ,अनहदकृति ,सहित्यकुंज ,हिंदीकुंज ,साहित्य शिल्पी ,पुरवाई ,रचनाकार ,पूर्वाभास,वेबदुनिया आदि पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित I साहित्य सम्मान -इ पत्रिका अनहदकृति की ओर से विशेष मान्यता सम्मान २०१४-१५ से अलंकृति I संपर्क-ग्राम-कदमन का पुरा, तहसील-अम्बाह ,जिला-मुरैना (म.प्र.)476111 ईमेल-ashokbabu.mahour@gmail.com 8802706980

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia