बेटियाँ

सागर यादव 'जख्मी'

रचनाकार- सागर यादव 'जख्मी'

विधा- कविता

माता-पिता के अधरोँ की मुस्कान बेटियाँ

होती हैँ एक मुकम्मल संसार बेटियाँ

हिन्दू के लिए गीता ईसाई के लिए बाईबिल

मुस्लिम के लिए पवित्र कुरान बेटियाँ

दुनिया के लिए ये इक अनमोल धरोहर हैँ

मुँशी प्रेमचंद्र की गोदान बेटियाँ

किसमेँ इतना साहस जो छेड़े भला इनको

यदि अपने पे आ जाएँ तो तलवार बेटियाँ

उमा -रमा, सीता -सावित्री

और दुर्गा का अवतार बेटियाँ

बिना इनके सृष्टि की कल्पना ही नहीँ

'सागर ' सृष्टि का हैँ आधार बेटियाँ

Views 58
Sponsored
Author
सागर यादव 'जख्मी'
Posts 40
Total Views 210
नाम- सागर यादव 'जख्मी' जन्म- 15 अगस्त जन्म स्थान- नरायनपुर कार्यक्षेत्र- अध्यापन प्रकाशन -अमर उजाला ,दैनिक जागरण ,रचनाकार,हिन्दी साहित्य ,स्वर्गविभा,प्रकृतिमेल ,पब्लिक इमोशन बिजनौर ,साहित्यपीडिया और देश -विदेश की बहुत सी पत्र -पत्रिकाओँ मेँ रचनाएँ प्रकाशित. स्थायी पता- नरायनपुर,नेवादा मुखलिसपुर ,बदलापुर ,जौनपुर उत्तर प्रदेश ,भारत . पिन -222125 ईमेल-sagar9565@gmail.com मो.9519473238,9984352193
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia