बेटियाँ

MAHESH CHOUHAN

रचनाकार- MAHESH CHOUHAN

विधा- कविता

मां की ममता है बेटियाँ ।
पिता की दुर्बलता है बेटियाँ ।
पति का पूर्णता है बेटियाँ ।
परिवार की रौनकता है बेटियाँ ।
समाज की एकता हैं बेटियाँ ।
नारी की महानता है बेटियाँ ।
सुख की सफलता है बेटियाँ ।
दुख की विफलता है बेटियाँ ।
स्वर की सुगमता है बेटियाँ ।
संगीत की मधुरता है बेटियाँ ।
तन की सुन्दरता हैं बेटियाँ ।
मन की निर्मलता है बेटियाँ ।
भाव की विभोरता है बेटियाँ ।
स्वभाव की सरलता है बेटियाँ ।
ह्रदय की कोमलता हैं बेटियाँ ।
सहनशीलता की क्षमता हैं बेटियाँ ।
मान,सम्मान और इज्जत है बेटियाँ ।
भारत देश की समानता है बेटियाँ ।
वर्तमान की गतिशीलता है बेटियाँ ।
भविष्य की उज्ज्वलता है बेटियाँ ।

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