बेटियाँ : ऐसा क्यों

RAJESH BANCHHOR

रचनाकार- RAJESH BANCHHOR

विधा- कविता

बढ़ रहे बलात्कारी !
चीख रही भारत की नारी !!
आज के मायावी राक्षसों से
भगवान भी घबराता है !
इसलिए द्रोपदी की लाज बचाने
कोई कृष्ण नहीं आता है !!
आखिर ऐसा क्यों होता है ?
सरकार आँख मूंद क्यों सोता है ?
बेगुनाह का कद जैसे आज
बौना नजर आता है !
इस आजाद देश में गुनहगार
हर रोज बच जाता है !!

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RAJESH BANCHHOR
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"कुछ नया और बेहतर लिखने की चाह......" राजेश बन्छोर "राज" जन्मतिथि - 05 जून 1972 शिक्षा - सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा सम्पर्क - वार्ड-2, पुरानी बस्ती हथखोज (भिलाई),पोस्ट - सुरडूंग, जिला - दुर्ग, छत्तीसगढ़ 490024 मो. नं. - 7389577615 प्रकाशन संदर्भ - पत्र-पत्रिकाओं में समय-समय पर कविता, कहानी प्रकाशित

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