बुलंदीआसमानों की सितारा भी मुबारक हो

बबीता अग्रवाल #कँवल

रचनाकार- बबीता अग्रवाल #कँवल

विधा- गज़ल/गीतिका

बुलंदी आसमानों की सितारा भी मुबारक हो
तिरा आया जन्मदिन है जहां सारा मुबारक हो

पूरे अरमान हो तेरे मिला मौका मुबारक हो
तिरी मंजिल मिले तुझको तिरा रस्ता मुबारक हो

ग़मो की छाँव से डर क्या मुझे तेरा सहारा है
तिरी यादों में रहती हूं तिरा नाता मुबारक हो

मिले आँचल मुझे माँ का की सर पर हाथ हो उनका
रहें हम छाँव में उनकी वक्त वैसा मुबारक हो

नहीं है प्यार अब हमको जमाने की खुशियो से
तिरे पहलू में आकर के मिरा जाना मुबारक हो

कहीं ना बैठ जाना तुम कभी यूँ हारकर खुद से
सदा देना की दिल से तुम कँवल जीना सिखाती है

Views 56
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
बबीता अग्रवाल #कँवल
Posts 51
Total Views 3.6k
जन्मस्थान - सिक्किम फिलहाल - सिलीगुड़ी ( पश्चिम बंगाल ) दैनिक पत्रिका, और सांझा काव्य पत्रिका में रचनायें छपती रहती हैं। (तालीम तो हासिल नहीं है पर जो भी लिखती हूँ, दिल से लिखती हूँ)

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia