बुरा न मानो होली है

Naveen Jain

रचनाकार- Naveen Jain

विधा- गीत

होली है

फागुन का महीना है, उड़ रहा है अबीर
होली का पर्व है रे, मनवा हुआ अधीर

चले पिचकारी सारा रा
होली है आरा रारा रा —

इस होली के पर्व को, बड़े मौज से मनाएँ
होली होय गुलाल की, पानी सभी बचाएँ

उड़े गुलाल सारा रा
होली है आरा रारा रा —

होली के रंगों से सीखो सामंजस्य बनाना
संगठित रहना, पर जीवन में खुशियाँ लाना
मचे हुड़दंग सारा रा
होली है आरा रारा रा——-

होली है श्रृंगार की , हास्य भी संग हो जाय
अद्भुत दिखता मनु गहरा जब रंग हो जाय

गहरा चढ़े रंग सारा रा
होली है आरा रारा रा —–

केमिकल रंगों से बचें, जैविक रंग लगाएँ
सेहत की रक्षा के लिए , जागरूक हो जाएँ

जैविक रंग हो सारा रा
होली है आरा रारा रा ——

रंगों का पर्व पावन, अराजकता न फैलाएँ
चली आ रही कुरीतियों को, सभी मिटाएँ

मिटें कुरीतियाँ सारा रा
होली है आरा रारा रा ——–

बच्चों संग होली खेलें , बच्चों संग हो जाएँ
बुरा न मानो होली है का सिद्धांत अपनाएँ

बुरा न मानों सारा रा
होली है आरा रारा रा——

– नवीन कुमार जैन

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 39
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
Naveen Jain
Posts 28
Total Views 805
मैं कवि नहीं, मैं कवि नहीं , ना मैं रचनाकार । मैं तो कविता रूप में व्यक्त करता अपने विचार ।। नाम - नवीन कुमार जैन पता - बड़ामलहरा जिला - छतरपुर म.प्र. मेरी स्वलिखित प्रकाशित पुस्तक - मेरे विचार , है । लिखना मेरा शौक है पर ख्वाब कुछ और ही है ।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia