बिन बेटी ममता न पूरी

Rita Singh

रचनाकार- Rita Singh

विधा- कविता

बिन बेटी ममता न पूरी
माँ की कितनी आस अधूरी ।
बेटी है हर घर का गहना
बिन बेटी सब आँगन सूना ।
बेटी बिना त्योहार अधूरे
बेटी बिना संस्कार न पूरे ।
बेटी है माँ की परछाई
फिर बेटी कैसे हुई परायी ?
बेटी है पापा का अभिमान
उससे पाते सब सम्मान ।

डॉ रीता
आया नगर,नई दिल्ली- 47

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Rita Singh
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नाम - डॉ रीता जन्मतिथि - 20 जुलाई शिक्षा- पी एच डी (राजनीति विज्ञान) आवासीय पता - एफ -11 , फेज़ - 6 , आया नगर , नई दिल्ली- 110047 आत्मकथ्य - इस भौतिकवादी युग में मानवीय मूल्यों को सनातन बनाए रखने की कल्पना ही कलम द्वारा कुछ शब्दों की रचना को प्रेरित करती है , वही शब्द रचना मेरी कविता है । .
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