बिना मेरे अधूरी तुम..

Neeraj Chauhan

रचनाकार- Neeraj Chauhan

विधा- मुक्तक

मेरा हर सुर अधूरा हैं, अधूरी गीत की हर धुन,
स्वप्न वो तुम नहीं जिसमे, कभी सकता नहीं मैं बुन
कोई रिश्ता नहीं तुमसे, मगर अहसास ऐसा हैं;
बिना मेरे अधूरी तुम, अधूरा मैं तुम्हारे बिन ..

– नीरज चौहान

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Neeraj Chauhan
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कॉर्पोरेट और हिंदी की जगज़ाहिर लड़ाई में एक छुपा हुआ लेखक हूँ। माँ हिंदी के प्रति मेरी गहरी निष्ठा हैं। जिसे आजीवन मैं निभाना चाहता हूँ।
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