बिटिया

Vandana Malik

रचनाकार- Vandana Malik

विधा- कविता

तुझसे रोशन मेरी दुनिया
मेरे घर की चांदनी तू…

हम दोनों की खुशियां तुझसे
पापा की है गुड़िया तू…

महक उठे घर-आंगन जिससे
बगिया का वो फूल है तू…

कदम-कदम यूं चलते-चलते
सात बरस की हुई है तू…।।

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Vandana Malik
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