बाबा साहेब डा० भीम राव अम्बेडकर के श्री चरणों में समर्पित चार पंक्तियाँ

Pritam Rathaur

रचनाकार- Pritam Rathaur

विधा- मुक्तक

बाबा साहेब के शुभ जन्मदिवस पर
चार पंक्तियाँ समर्पित

देश जब बरसों तलक त्रासदी को सहता है
तब कहीं ऐसा चमन में ये पुहुप खिलता है

गूँजती चारो दिशाओं में त्राहि की बोली
तब कोई ऐसा गुणी संविधान रचता है

प्रीतम राठौर
श्रावस्ती ( उ० प्र०)

Views 12
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Pritam Rathaur
Posts 104
Total Views 621
मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सर्वोच्च पूजा जीवों से प्रेम करना ।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia