बात बाकी थी

Hardeep Bhardwaj

रचनाकार- Hardeep Bhardwaj

विधा- अन्य

कहां चले गए थे तुम।
मुझे अकेला छोड़ के।।
अभी मेरी बात बाकी थी ।।

रोशन बेशक थे चिराग ।
अधेंरी रात बाकी थी ।।

अभी बहुत दूर जाना था ।
तेरे संग इश्क की गलियों में

क्यूं छोड़ दिया हाथ मेरे अज़ीज़
अभी सांस बाकी थी ।।।

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Hardeep Bhardwaj
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Software Developer by profession, Writer from my heart. Love English, Hindi and Urdu literature. Email: hardeepbhardwaj67@gmail.com

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