” ———————————————— बात कही फूलों ने ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

रचनाकार- भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

विधा- गीत

खुशबू , रंगत , सुन्दरता है , आकर्षण फूलों में !
प्यारी प्यारी छवि निखरती , याद बही फूलों में !!

स्वागत अभिवादन करना है , देनी कोई बधाई !
फूलों से तुलता है कोई , तोल सही फूलों ने !!

केश सजाओ चाहो जैसे , बांधो या लहराओ !
दिल चाहो काबू में करना , राज़ यही फूलों में !!

प्रेम कहानी बड़ी रंगीली , दर्ज हुई जाती हैं !
बन्द पृष्ठ जो खुले अगर तो , बात कही फूलों ने !!

मौसम आये , मौसम जाये , पवन करे सरगोशी !
ऋतुओं में उन्माद जगा दे , बात वही फूलों में !!

सजधज कहो जवानी की या , नई कोई शुरुआत !
नहीं रात की बात बने है , खास यही फूलों में !!

पूजन अर्चन सभी अधूरा , मंदिर घाट के देवा !
भक्ति भाव में रस ना बरसे , आस बही फूलों में !!

प्रथम बिदाई हो या अंतिम , साथ सभी चाहे हैं !
शीश चढ़ाओ , राह बिखेरो , चाह यही फूलों में !!

बाग बगीचों में रौनक हो , खूब सजे हरियाली !
कांटों में भी शीश उठाये , नाज़ यही फूलों में !!

बृज व्यास

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एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह प्रकाशित ! e काव्यसंग्रह "कहीं धूप कहीं छाँव" एवं "दस्तक समय की " प्रकाशित !

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