बरहम सी ज़िन्दगी

विजय कुमार नामदेव

रचनाकार- विजय कुमार नामदेव

विधा- गज़ल/गीतिका

बरहम सी जिंदगी है सँवार दो तो अच्छा है।
दर्द दिया ठीक किया करार दो तो अच्छा है।।

मैंने तुझसे जिंदगी में और क्या चाहा खुदा बस।
प्यार भरी जिंदगी को प्यार दो तो अच्छा है।।

मेरी क्या औकात आखिर तुझको दे पाऊं खुशी।
अपने अश्के गम मुझे तुम उधार दो तो अच्छा है।।

भूल जाना तेरा मेरी जिंदगी में लाजिमी था।
तुम भी मुझ को ए सनम अब वार दो तो अच्छा है।।

जन्म जन्मों का ये रिश्ता इक जन्म की बात क्या।
हर जनम में बेशरम सँग हर बार दो तो अच्छा है।।

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विजय कुमार नामदेव
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सम्प्रति-अध्यापक शासकीय हाई स्कूल खैरुआ प्रकाशित कृतियां- गधा परेशान है, तृप्ति के तिनके, ख्वाब शशि के, मेरी तुम संपर्क- प्रतिभा कॉलोनी गाडरवारा मप्र चलित वार्ता- 09424750038

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