बदले अपनी हस्त लकीरे

कृष्णकांत गुर्जर

रचनाकार- कृष्णकांत गुर्जर

विधा- गज़ल/गीतिका

अपने वतन पे जान गवाँ दे,एेसा कोई वीर नही |
नाम अमरकर दे वो जगमे,ऐसा कोई रणधीर नही||

लिखदे कोई अपनी किस्मत,जग मे एेसा वीर नही|
बदले अपनी हस्त लकीरे,लिखता कोई तकदीर नही||

पत्थर खोदके नीर निकाले,शूर हो एेसा वीर नही |
समय के संग संग चलने वाला,एेसा कोई वीर नही||

रस्ते पर दुनिया चलती है, रस्ता वनाये वो वीर नही|
जुल्मो का वो करे सामना,एेसा कोई तीर नही||

Sponsored
Views 45
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
कृष्णकांत गुर्जर
Posts 60
Total Views 2.6k
संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya G.v.n.school Detpone मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia