बदनसीबी कहाँ ले आई है

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

बदनसीबी कहाँ ले आई है
गम की बारात साथ लाई है

तार जब हों जुड़े हुए दिल के
दूर जाना न,बेवफाई है

कैसे कर पायेंगे विदा बेटी
सोच के फूटती रुलाई है

झूठ प्यारा लगा यहाँ इतना
बात सच की हुई पराई है

अर्चना खो रही है सपनों में
प्रीत सँग हो रही सगाई है

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।
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3 comments
  1. आबाजों की महफ़िल में दिल की कौन सुनता है
    सही चुपचाप रहता है और झूठा चीखता क्यों है

    बहुत खूब , शब्दों की जीवंत भावनाएं… सुन्दर चित्रांकन